क्या दुर्दांत अपराधी विकास दुबे को पकड़ने वाले गार्ड को मिलेगा पांच लाख रुपये ?


कानपुर एनकांउटर का दुर्दांत अपराधी विकास दुबे को गिरफ्तार करने के लिए यूपी पुलिस 7 दिनों तक खाक छानती रही मगर उज्जैन के एक मंदिर के गार्ड ने सरगना विकास दुबे को गिरफ्तार कर लिया । यूपी सरकार ने खूनी अपराधी विकास दुबे पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित किया था अब क्या गार्ड को यूपी पुलिस इनाम की धनराशि देंगी . 

मध्यप्रदेश पुलिस ने मारी बाजी , कानपुर एनकांउटर के दुर्दांत अपराधी विकास दूबे को किया गिरफ्तार 
कानपुर एनकांउटर का मुख्य सरगना विकास दुबे को उज्जैन पुलिस ने गिरफ्तार किया है नाटकीय तरीके से हुई दुर्दांत अपराधी विकास दुबे की गिरफ्तारी से यूपी पुलिस भौचका गई , 2 जुलाई से यूपी पुलिस विकास दुबे की तलाश में जर्रा जर्रा छान रही थी । विकास दुबे ने दो जुलाई की रात में उसके घर पर दबिश में गई पुलिस टीम पर अंधादुंध गोलाबारी की गई जिसमें डीएस समेत कुल 8 पुलिस जवान शहित हो गये .

यूपी पुलिस की हाथ रहा खाली 

 यूपी सरकार ने दुर्दांत अपराधी की गिरफ्तारी के लिए 40 थानों की पुलिस को लगा दिया । पुलिस प्रशासन ने 100 टीम का गठन किया साथ एसटीएफ , इंटेलीजेंस और सर्विलेंस टीम को लगा दिया गया । सरकार ने विकास की गिरफ्तारी के लिए 5 लाख रुपये की इनाम की घोषणा की . यूपी पुलिस दिल्ली पंजाब,फरीदाबाद और कई राज्यों में विकास की तलाश करती रही । मगर विकास का अता पता नहीं चल सका .
सुरागरासी करने पर पुलिस के हाथ खाली रहा मगर मध्यप्रदेश पुलिस ने जिस नाटकीय तरीके से दुर्दांत अपराधी को गिरफ्तार किया है


जातिवादी सोच भी अपराध का दे रहा बढ़ावा

 इससे भी पता चलता है कि यूपी पुलिस की इतनी सख्ती के बाद भी सरगना कैसे बच गया । फिलहाल पुलिस अधिकारियों की सांठगांठ भी उजागर हुई है क्योकिं विकास जरायम की दुनिया में 60 से अधिक वारदातों को अंजाम देकर आज भी खुलेआम घुम रहा है दरअसल यूपी में जातिवादी सियासी इतनी हावी है कि कोई इसके जाल से निकाल नहीं सकता है क्योंकि यहां जातिवाद का ऐसा बोलबाला है कि कोई अपराधी कितना खूंखार,दुर्दांत या फिर कुख्यात क्यों ना मगर वह अपनी जाति का समर्थन हासिल ही कर लेता है और कुछ उसकी जाति के असमाजित तत्व उसको अपना आईकॉन बना देते है. 


अब थाना चौबेपुर के एसओ विनय तिवारी को ही देख लो कि उनकी दुबे के साथ कैसी सांठगांठ हो गई कि उन्हें अपनी वर्दी का ख्याल नहीं रहा है आखिरकार उनकी मिलीभगत का राज उजागर होने पर उन्हें सस्पेंड कर दिया  गया 8 जुलाई को गिरफ्तार हो गये मगर अपनी रहबरी को नहीं छोडी . वाह से बदनाम खाकी वर्दीधारी कुछ तो शर्म करते अपनी वर्दी की । फिलहाल अब देखना होगा कि 8 वर्दीधारी की शहादत के गुहानगार के खिलाफ क्या एक्शन होता है ?


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